भ्रामक विज्ञापनों के लिए 24 कोचिंग संस्थानों पर 77.60 लाख का जुर्माना

नयी दिल्ली : केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक विज्ञापनों के लिए 24 कोचिंग संस्थानों पर 77 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उपभोक्ता मामले विभाग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में 600 से अधिक उम्मीदवारों और छात्रों के लिए 1.56 करोड़ रुपये की राशि का रिफंड सफलतापूर्वक सुरक्षित किया है।

यह जानकारी केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी। इसमें बताया गया कि सिविल सेवा, इंजीनियरिंग कोर्स और अन्य कार्यक्रमों के लिए कोचिंग सेंटरों में नामांकित इन छात्रों को पहले कोचिंग संस्थानों द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करने के बावजूद सही रिफंड से वंचित किया गया था। विभाग की इस कार्रवाई से छात्रों को अधूरी सेवाओं, देर से आने वाली कक्षाओं या रद्द किए गए पाठ्यक्रमों के लिए मुआवज़ा प्राप्त करने में मदद मिली है। इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि वे अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं का वित्तीय बोझ नहीं उठा रहे हैं।

सीसीपीए द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न संस्थाओं के खिलाफ उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन, झूठे और भ्रामक विज्ञापनों और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत परिभाषित अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए उपभोक्ताओं को प्रभावित करने के लिए पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य बीआईएस मानकों को पूरा नहीं करने वाले घरेलू प्रेशर कुकर की बिक्री के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

इसके अतिरिक्त, सीसीपीए के निर्देशों के अनुसार ट्रैवल कंपनियों ने कोविड-19 लॉकडाउन के कारण रद्द की गई उड़ानों के लिए उपभोक्ताओं को 20 मार्च 2024 तक 1,454 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं। सीसीपीए ने यह भी अनिवार्य किया है कि ये कंपनियां रद्द टिकटों से संबंधित रिफंड दावों पर स्पष्ट निर्देशों और स्थिति अपडेट के साथ अपनी वेबसाइटों को अपडेट करें।

इसके अलावा सीसीपीए द्वारा पारित आदेशों के आधार पर प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से कार सीट बेल्ट अलार्म स्टॉपर क्लिप की 13,118 लिस्टिंग हटा दी गई हैं, ताकि ऐसे सभी उत्पादों को सूची से हटाया जा सके, जो उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करते हैं और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार हैं, क्योंकि उक्त उत्पाद की बिक्री या विपणन सीट बेल्ट न पहनने पर अलार्म बीप बंद करके उपभोक्ता के जीवन और सुरक्षा के साथ समझौता करता है।

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