इतिहास के पन्नों में : 12 अप्रैल – इतिहास के मर्मज्ञ

सुप्रसिद्ध इतिहासकार और पुरातत्ववेत्ता राखालदास बंदोपाध्याय का जन्म 12 अप्रैल 1885 को मुर्शिदाबाद में हुआ। 1922 में एक बौद्ध स्तूप की खुदाई के दौरान मोहनजोदड़ो सभ्यता की खोज, राखालदास बंदोपाध्याय का सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य है।

उन्होंने लगभग छह वर्षों तक महाराष्ट्र, गुजरात, सिंध, राजस्थान और मध्य प्रदेश की देशी रियासतों में पुरातत्व से जुड़े विभिन्न कार्यों को दिशा दी, जिसका विवरण पुरातत्व सर्वेक्षण की वार्षिक रिपोर्ट में दर्ज है। उन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक रहे जॉन मार्शल के अहम सहयोगियों के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने पुरातत्विक उत्खनन, शोध और पुरातन अवशेषों के संरक्षण में अहम योगदान दिया।

‘द ओरिजिन ऑफ बंगाली स्क्रिप्ट’, ‘हिस्ट्री ऑफ ओरिसा’, ‘शिव टेंपल ऑफ भूमरा’ आदि इतिहास से जुड़ी उनकी महत्वपूर्ण कृतियां हैं। जीवन के आखिरी दिनों में वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में प्राध्यापक के तौर पर जुड़े और 23 मई 1930 तक यहीं रहे।

अन्य अहम घटनाएं:

1621: सिख गुरु तेग बहादुर जी का जन्म।

1801: रणजीत सिंह ने स्वयं को पंजाब का महाराजा घोषित किया।

1917: महान भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी वीनू मांकड़ का जन्म।

1937: हिंदी फिल्मों के मशहूर गीतकार गुलशन बावरा का जन्म।

1945: अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रुजवेल्ट का रहस्यमय परिस्थितियों में मौत।

1954: रंगकर्मी सफदर हाशमी का जन्म।

2006: महान कन्नड फिल्म अभिनेता राजकुमार का निधन।

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