कोलकाता : पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी महिला मित्र अर्पिता मुखर्जी पर बार-बार हमले और आपत्तिजनक टिप्पणी से सबक लेते हुए अब उन्हें कोर्ट में हाजिर नहीं किया जाएगा। अगली पेशी उनकी वर्चुअल माध्यम से होगी। अलीपुर के विशेष सीबीआई कोर्ट ने यह अनुमति दी है। मंगलवार को जेल प्रबंधन की ओर से इसकी याचिका लगाई गई थी जिसे स्वीकार कर लिया गया है। 31 अगस्त को पार्थ और अर्पिता की पेशी होनी है। उस दिन उन्हें जेल से ही वर्चुअल माध्यम से पेश किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि एक बार जोका ईएसआई अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के समय महिला ने पार्थ पर चप्पल फेंक दी थी। दूसरी बार भी उन्हें कोर्ट ले जाते समय कुछ लोगों ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसके बाद जेल प्रबंधन ने सुरक्षा के लिहाज से यह याचिका लगाई थी।