कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी की हाल ही में बनी कोर कमिटी के गठन पर रोक लगाकर संगठन के वरिष्ठ नेताओं को कड़ा संदेश दे दिया है। गुरुवार को तृणमूल भवन में जिलावार मतदाता सूची की जांच के लिए कोर कमिटी के गठन का ऐलान किया गया था, लेकिन शाम होते-होते यह फैसला रद्द कर दिया गया।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी को इस कमिटी के गठन की जानकारी नहीं थी और जब उन्हें इस फैसले के बारे में बताया गया, तो तुरंत कमिटी पर रोक लगा दी गई। पार्टी के भीतर इसे वरिष्ठ नेताओं को ममता का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि तृणमूल में अंतिम फैसला उन्हीं का होगा, चाहे वह वरिष्ठ नेता हों या फिर युवा चेहरा। शुक्रवार को पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने इसकी पुष्टि की है।
27 फरवरी को नेताजी इंडोर स्टेडियम में ममता बनर्जी ने एक नई कमिटी का गठन किया था। निर्देश था कि इसके सदस्य रोजाना तृणमूल भवन में मौजूद रहेंगे। इसी कमिटी की पहली बैठक गुरुवार को हुई, जिसमें जिलों में मतदाता सूची की जांच के लिए अलग कोर कमिटी के गठन की घोषणा की गई।
राज्य अध्यक्ष सुब्रत बख्सी ने इस कमिटी का ऐलान किया, जिससे पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मान बैठे कि इस पर ममता की मुहर है। लेकिन शाम को ममता के इस फैसले को रद्द करने से साफ हो गया कि यह निर्णय बिना उनकी सहमति के लिया गया था।
सूत्रों के अनुसार, अब ममता खुद तय करेंगी कि कोर कमिटी बनेगी या नहीं।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने सफाई में कहा कि मार्च के दूसरे सप्ताह से संसद और विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है। ऐसे में जिन सांसदों और विधायकों को कोर कमिटी में रखा जाता, वे समय नहीं दे पाते।