विधानसभा के बाद विधायक हॉस्टल के बाहर नौकरी उम्मीदवारों का प्रदर्शन

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में नौकरी की मांग पर धरने पर बैठे उम्मीदवारों ने बुधवार सुबह निजाम पैलेस स्थित एमएलए हॉस्टल के गेट के बाहर जाम कर भारी विरोध प्रदर्शन किया है। इनमें से अधिकतर प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर लिए थे जिसमें भ्रष्टाचार को लेकर सरकार की अनदेखी के खिलाफ नारे लिखे गए थे। खास बात यह है कि बुधवार को विधानसभा में जाने के लिए कई विधायक और मंत्री तैयार हुए थे लेकिन विधायक आवास का गेट प्रदर्शनकारियों की ओर से जाम कर दिए जाने की वजह से उनका निकलना काफी देर तक बाधित रहा। इसका प्रभाव विधानसभा की कार्यवाही पर भी देखने को मिला। दोपहर तक अधिकतर विधायक विधानसभा में नहीं पहुंच पाए थे। उसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आंदोलनकारियों को समझा-बुझाकर हटाने की कोशिश की। बात नहीं बनती देख हल्का बल प्रयोग कर इन आंदोलनकारियों को घसीटते हुए पुलिस वाहन में डालकर ले जाया गया। इस दौरान कई आंदोलनकारी चोटिल हुए हैं जिनकी चीख-पुकार मीडिया के कैमरे में कैद हुई है।

किड स्ट्रीट में स्थित एमएलए हॉस्टल के बाहर विरोध प्रदर्शन की वजह से काफी देर तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई थी। बाद में विधायकों की देरी होने को लेकर अध्यक्ष विमान बनर्जी ने कहा कि एमएलए हॉस्टल के सामने विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं इसीलिए विधायक और मंत्री फंसे हुए हैं। बोलने का अधिकार सभी को है लेकिन इस तरह से सबकुछ रोक कर आंदोलन करना ठीक नहीं है। मैंने प्रशासन से कहा है इसे देखने के लिए।

भाजपा के सिलीगुड़ी से विधायक शंकर घोष ने इस विरोध प्रदर्शन को लेकर इशारे-इशारे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का नाम घसीटा। उन्होंने कहा कि एमएलए हॉस्टल के सामने विरोध प्रदर्शन करने वाले नौकरी उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें सरकारी मदद नहीं मिल रही है। दूसरी ओर कुछ राजनीतिक नेता पार्टी कार्यकर्ताओं के घरों का घेराव करने का आह्वान कर रहे हैं। आज मैंने देखा कि हमारे विधायकों की क्या स्थिति है। अध्यक्ष के पास अनुरोध है कि नौकरी उम्मीदवारों की बातें सुनी जाए। राजनीतिक नेता भी भविष्य में इस तरह की बात ना करें यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

हालांकि अध्यक्ष ने इसके जवाब में अजीबो-गरीब दावा किया। उन्होंने कहा कि आज विधायक हॉस्टल के घेराव को लेकर जो स्थिति बनी है वह दु:खद है। हमें पता है कि किस के उकसावे पर आंदोलनकारी वहां गए हैं। इन्हें भड़काना ठीक नहीं है। भविष्य में ऐसा दोबारा ना हो यह मैं सुनिश्चित करूंगा।

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