राजधानी में जमकर चले पटाखे, लोगों ने उड़ाई नियमों की धज्जियां

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद पटाखे की आवाज आती रही। दीपावली के अवसर पर लोगों ने नियम-कायदे को हवा में उछाल दिया और जमकर पटाखे जलाये। इससे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी तक पहुंचने के कगार पर है।

दीपावली को देखते हुये दिल्ली सरकार ने शाम 08 बजे से 10 बजे तक पटाखे जलाने की छूट दी थी, लेकिन रात 12 बजे तक पटाखे की आवाज गूंजती रही। दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार के सभी दावे धरे के धरे रह गये। इससे दिल्ली के वायुमंडल में हवा की गुणवत्ता का स्तर खराब स्थिति में पहुंच गया है।

उत्तरी दिल्ली के निवासी गौरव बर्णवाल ने बताया कि यहां देर रात तक रह-रहकर पटाखे की आवाज आती रही। लोगों ने स्थिति की कोई परवाह नहीं की। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। आगे उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिये था, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया।

द्वारका निवासी अजय चौधरी ने कहा, “यह बात सच है कि पहले की अपेक्षा पटाखे कम चले, लेकिन फिर भी जितना शोर सुनने को मिला उसकी उम्मीद नहीं थी।” उन्होंने कहा कि हम दिल्लीवासी अपने अधिकार को लेकर सतर्क हैं लेकिन जिम्मेदारी का पालन करना हमारे स्वभाव में नहीं है।

सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से संबंध रखने वाले अजय चौधरी ने कहा कि वायु प्रदूषण को लेकर देश-दुनिया में बातें हो रही हैं। स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस संबंध में अपने विचार साझा करते रहे हैं, लेकिन आज का अनुभव यह जाहिर करता है कि हमलोग अपनी जवाबदेही को समझने के लिये अभी तैयार नहीं हैं।

दक्षिण और पूर्वी दिल्ली से भी जमकर पटाखे जलाने की खबर आई है। कुल मिलकर राजधानी में सरकार की ओर से लगाए गए प्रतिबंध की पूरी तरह अवहेलना हुई और देर रात होते-होते दिल्ली का आसमान धुएं से भर गया है। इससे वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने की स्थिति में है।

राष्ट्रीय राजधानी में एक जनवरी 2022 तक पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन, गुरुवार को पराली जलाने और पटाखे की वजह से दिल्ली के वायुमंडल में प्रदूषण का स्तर काफी गिर गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार बीते सोमवार को राजधानी का एक्यूआई 281 था, जो गुरुवार तक 382 पर पहुंच गया है। अगले 24 घंटे में एक्यूआई के बढ़ने की संभावना काफी अधिक है।

उल्लेखनीय है कि शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को बेहतर माना जाता है, लेकिन 201 से 300 के बीच एक्यूआई आने पर उसे खराब स्थिति में गिना जाता है। जबकि 301 से 400 के बीच की स्थिति को बेहद खराब माना गया है। वहीं 401 से 500 के बीच एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में माना जाता है।

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