कोलकाता में केवल महिलाओं ने मिलकर खोला था कॉल सेंटर, देश भर में होती थी ठगी

कोलकाता : राज्य के सीआईडी ने कोलकाता के बागुईआटी में एक ऐसे कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है जो महिलाओं द्वारा स्थापित और संचालित था। यह गिरोह मोबाइल टावर स्थापित करने के नाम पर करोड़ों की ठगी करता था। दो सरगनाओं समेत छह महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह की सरगना दो महिलाएं सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी की बेटियां हैं। यह गिरोह बागुईआटी क्षेत्र के लोकनाथ पार्क इलाके में संचालित किया जा रहा था। सीआईडी की साइबर क्राइम शाखा ने छापेमारी कर इस गिरोह को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपित महिलाओं के नाम पृबाली मित्रा, स्नेहा मित्रा, डालिया नाथ, प्रिया चक्रवर्ती, अनीता गुप्ता और सुवर्णा साहा हैं।

मोबाइल फोन नंबर एकत्रित कर इस काल सेंटर से फोन कर पूछा जाता था कि क्या वे मोबाइल टॉवर लगाने में रुचि रखते हैं। घरों की छतों पर या बड़ी खाली जगहों पर मोबाइल टॉवर लगाने का लालच और उससे मोटी रकम की आय होने का प्रलोभन दिया जाता था। इसके बाद ऑनलाइन दस्तावेज मंगाए जाते थे, फिर टॉवर लगाने के लिए इच्छुक व्यक्तियों से पंजीयन शुल्क व अन्य कई चीजों के लिए एक से पांच लाख रुपये लिए जाते थे। फिर न तो टॉवर लगता था और न उस नंबर पर संपर्क हो पाता था।

सीआईडी के अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। पृबाली और स्नेहा मित्रा को पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत पर छूट गई थीं। शनिवार को सीआईडी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस ने छापेमारी कर दोनों बहनों समेत छह महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। महिला होने की वजह से लोग आसानी से उनके झांसे में आ जाते थे।

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