जादवपुर कांड : छात्र की मौत के पहले और ठीक बाद हुई थी छात्रों की जनरल बॉडी मीटिंग

कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय में बांग्ला विभाग के प्रथम वर्ष के छात्र की छत से गिरकर हुई मौत मामले में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पता चला है की छात्र के छत से गिरने से पहले विश्वविद्यालय के हॉस्टल में मौजूद छात्रों की जनरल बॉडी मीटिंग हुई थी। और यही मीटिंग छात्र की मौत के बाद भी हुई थी। इस मीटिंग में मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व छात्र सौरभ चौधरी सहित तीनों छात्र उपस्थित थे। खास बात यह है कि इस जनरल बॉडी मीटिंग में शामिल हुए कई लोग वारदात के बाद से नदारद हैं। यह भी पता चला है कि पहले जनरल बॉडी मीटिंग में छात्र के साथ प्रताड़ना और कथित तौर पर जबरदस्ती अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने को लेकर चर्चा हुई थी।

इसके बाद एक सीनियर छात्र तीसरे तल पर गया था और छात्र के कमरे में जाकर उसकी काउंसिलिंग की कोशिश की थी। हालांकि वह काम नहीं आई और बुधवार रात 12:30 बजे के करीब वह छत से नीचे गिर गया था। वहां से खून से लथपथ हालत में पास के केपीसी अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान तड़के सुबह 4:30 बजे के करीब उसने दम तोड़ दिया।

इसके बाद जनरल बॉडी की मीटिंग एक बार फिर हुई। इतना ही नहीं हॉस्टल में मौजूद मेष की जनरल बॉडी और विश्वविद्यालय के जनरल बॉडी की भी तुरंत मीटिंग हुई। इसमें क्या कुछ बात हुई इस बारे में पुलिस ने कई लोगों से बातचीत कर बयान रिकॉर्ड किया है। अधिकतर लोगों ने यह बताया है कि 15 अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले फुटबॉल मैच को लेकर बात हुई थी। लेकिन पुलिस का मानना है कि यह बहाना है और दोनों ही बैठकें सिर्फ इस बात के लिए हुई थी कि पुलिस को क्या कुछ बोलना है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस वारदात के लिए विश्वविद्यालय के वामपंथी छात्र संगठन पर आरोप लगाया है।

हालांकि विश्वविद्यालय के कला विभाग के छात्र परिषद आफ्सु ने घोषणा कर दी है कि जब तक इस घटना में शामिल लोगों को सजा नहीं होगी तब तक वे अनिश्चित काल के लिए आंदोलन करेंगे। खास बात यह है कि आफ्सू पर वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई का ही कब्जा है। इनकी मांग यह भी है की छात्र की मौत के इस मामले में विश्वविद्यालय के मेन हॉस्टल के सुपर, डीन ऑफ स्टूडेंट्स और रजिस्ट्रार को भी जांच के दायरे में रखा जाए। यह भी आरोप है कि वारदात वाले दिन जब पुलिस हॉस्टल में जांच के लिए जा रही थी तब उन्हें बाधा दिया गया। वामपंथी छात्रों ने उनका रास्ता रोका था। इस मामले में पुलिस ने अलग से मामला दर्ज किया है।

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