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(लाला लाजपतराय/जयंती/28 जनवरी विशेष) : स्वत्व स्वाभिमान और राष्ट्र के लिए जीवन समर्पित

स्वाधीनता संघर्ष केवल राजनैतिक या सत्ता के लिये ही नहीं होता। वह स्वत्व, स्वाभिमान, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और मानसिक अस्मिता के लिये भी होता है। इस सिद्धांत के लिये अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले थे पंजाब केसरी लाला लाजपतराय। उनका जन्म 28 जनवरी 1865 को फिरोजपुर में हुआ था। उनका परिवार आर्यसमाज से जुड़ा […]

मकर संक्रांति/15 जनवरी/विशेष : सारे तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार

गंगासागर में मकर संक्रांति पर प्रतिवर्ष विशाल मेला आयोजित होता है। इस दौरान दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु यहां स्नान के लिए पहुंचते हैं। मकर संक्रांति पर सूर्य देव के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते ही तीर्थयात्री पवित्र संगम पर डुबकी लगाते हैं। गंगासागर में मकर संक्रांति के दिन स्नान करने का […]

युवा दिवस पर विशेष : युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद

युग प्रवर्तक, भारत के गौरव पुरुष, वेदांत दर्शन के मर्मज्ञ, कर्मयोगी,भारत माता के सच्चे सपूत, युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी,1863 में कोलकाता में हुआ था। इनका मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था । इनके पिता विश्वनाथ दत्त उच्च न्यायालय कोलकाता में वकील थे। मां भुवनेश्वरी देवी ग्रहणी थी। 12 जनवरी को […]

(विश्व हिन्दी दिवस/10 जनवरी/विशेष) : गूगल ने भी माना हिन्दी का लोहा

आधुनिकता की ओर तेजी से अग्रसर कुछ भारतीय आज भले ही अंग्रेजी बोलने में अपनी आन, बान और शान समझते हों किन्तु सच यही है कि हिन्दी ऐसी भाषा है, जो प्रत्येक भारतवासी को वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान दिलाती है। सही मायनों में विश्व की प्राचीन, समृद्ध एवं सरल भाषा है भारत की राजभाषा हिन्दी, […]

उत्तर प्रदेश का ऐसा स्थान जहां रावण का पुतला दहन नहीं, होता है सिर कलम

मीरजापुर : देश में हर जगह विजयादशमी के दिन रामलीलाओं में राम और रावण के युद्ध में रावण के पुतले का दहन होता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में एक स्थान ऐसा है, जहां दशहरे पर रावण के पुतला दहन के बजाय सरेआम उसके सिर को कलम किया जाता है। हलिया क्षेत्र के […]

Special Article : देश को एकता के सूत्र में पिरोती है हिंदी

हिंदी एक समृद्ध, वैज्ञानिक और विकासशील भाषा है। एक भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है। बहुत सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है जिसे दुनिया […]

(मुंशी प्रेमचंद जयंती/ 31 जुलाई) – आम आदमी के साहित्यकार : योगेश कुमार गोयल

आधुनिक हिन्दी साहित्य के पितामह और उपन्यास और कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने अपने लेखन के माध्यम से न सिर्फ दासता के विरुद्ध आवाज उठाई बल्कि लेखकों के उत्पीड़न के विरुद्ध भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने उपन्यासों और कहानियों के अलावा नाटक, समीक्षा, लेख, संस्मरण इत्यादि कई विधाओं में साहित्य सृजन किया। प्रेमचंद ऐसे कहानीकार […]

मणिपुर में सुरक्षा बलों के रूल्स ऑफ़ इंगेजमेंट में बदलाव जरूरी : राजीव कुमार श्रीवास्तव – रक्षा विश्लेषक

सेना के हाथ बंधे : एक दृष्टान्त भारतीय सेना को मणिपुर में 24 जून को पूर्व इम्फाल में गिरफ्तार 12 आतंकवादिओं छोड़ देना पड़ा। कांग्लेई यावल कांना लूप (KYKL) के गिरफ़्तार आतंकिओ में मोइरांगथेम ताम्बा उर्फ़ उत्तम भी शामिल था, जिसपर 2015 में चंदेल जिले में डोगरा रेजिमेंट पर हुए आतंकवादी हमला करवाने का मास्टरमाइंड […]

BSP से लोग निकलते गए और कारवां सिमटता गया : सत्येंद्र प्रताप सिंह

“मैंअकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर लोग मिलते गए और कारवां बनता गया”। यह कांशीराम पर सटीक बैठता है। दूसरी तरफ, “लोग निकलते गए और कारवां सिमटता गया”। यह मायावती पर सटीक बैठता है. दरअसल, कांशीराम के समय के ‘चेहरे’ अब बहुजन समाज पार्टी से नदारद हैं। सेकंड लाइन लीडरशिप वाले नेता एक-एक करके पार्टी […]

पवित्रम संस्कार वाटिका का दो दिवसीय समर कैंप का हुआ समापन

80 बच्चों को योगा, क्रिएटिविटी, सेवा कार्य, पर्यावरण, गो महत्ता, भारतीय संस्कृति की दी गई शिक्षा* धनबाद : पवित्रम सेवा परिवार के महिला आयाम ‘पवित्रम मातृ शक्ति’ द्वारा आयोजित दो दिवसीय समर कैम्प पवित्रम संस्कार वाटिका का धनबाद स्थित राजकमल शिशु विद्या मंदिर में समापन हुआ। इस दो दिवसीय पवित्रम संस्कार वाटिका शिविर में 5 […]